लेखनी कहानी -30-Dec-2021 मेरी डायरी
मेरी डायरी
दिनांक - 30/12/21
दिन - गुरुवार
मेरी डायरी ३०/१२/२१ बहुत सी बातें और बहुत सी यादें ऐसी होती है जो अनकही और अनसुनी रह जाती है, अब जरूरी तो नहीं कि हर बात का जिक्र किया जाए।
कुछ बातें दिल में ही रहे तो अच्छा, ऐसी ही बातों की कुछ यादों को दिल में समेट रखा है, जो इस साल ने मुझे दिए है, कुछ बहुत प्यारी है, तो कुछ अपने अंदर दर्द का सैलाब लिए है।
पर फिर भी मैं तो सकारात्मक मनसिकता पर ही विश्वास रखने वालों में से हूं। तो यही कहना चाहूंगी कि, जो भी हुआ सब अच्छा ही हुआ, अरे कुछ न सही पर एक शिख तो मिला ही जो आगे जीवन में काम आएगी।
इन्ही सब बातों के साथ आज की डायरी को विराम देना चाहूंगी, अब फिर कल मिलती हूं, मेरी डायरी के अगले भाग में तब तक के लिए अलविदा।
🖋️स्वाती चौरसिया
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PHOENIX
22-Dec-2022 05:02 PM
वैसे कभी सामनेवालो को अंदाजा भी नही होता की हम किस हालात मे लिख रहे है या जी रहे है। आप की डायरी के माध्यम से कुछ जान ने को मिला। दर्द समेटकर अच्छा लिखना ये बहुत बडी बात होती है। खास कर जब हम लडकी होती तो ज्यादा मुश्किल हो जाता है। बहुत बडा जिगर है और उस से भी ज्यादा दिल साफ है आप का। आप हमेशा खुश रहो, खुद मुस्कुराओ ये नही कहुंगा क्युकी वो शायद आप के हाथ मे न हो... लेकिन आप से लोग मुस्कुराये यही प्रार्थना है....इस से आप को वो खुशी मिलेगी की आप भी मुस्कुरायेगी। God bless you always..forever...
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Arman Ansari
16-Jan-2022 05:46 PM
ज़िंदगी मे जीना है तो हर शब्दों को अल्फ़ाज़ दो कभी कभी दर्द को ज्यादा देर तक दिल मे रखने से वो ऐसे जख्म बन जाते हैं जिनका कोई इलाज नही होता मन मे जो हो बोल देना चाहिए आपने अपने शब्दो को दबा दिया है लेखन में , इस को बह जाने दिया करो रोका नही करो कई जगह शब्दो को रुकाव महसूस हुआ
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🤫
01-Jan-2022 04:29 PM
Kafi achchi diary lekhan
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Swati chourasia
01-Jan-2022 04:56 PM
Thank you ma'am 🙏😊
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